Law Abiding Citizen Hindi !!better!! -
फिल्म कहती है कि व्यवस्था चाहे कितनी भी गलत क्यों न हो, उसे बदलने का अधिकार कोई एक नागरिक नहीं ले सकता। निक राइस ‘बुरा आदमी’ नहीं है, वह ‘बुरी व्यवस्था’ का हिस्सा है। अंत में व्यवस्था बच जाती है, लेकिन क्लाइड मर जाता है।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम जेरार्ड बटलर (क्लाइड शेल्टन) और जेमी फॉक्स (निक राइस) के बीच की इस शतरंज को हिंदी दृष्टिकोण से समझेंगे। फिल्म की शुरुआत एक परफेक्ट परिवार के विनाश से होती है। क्लाइड शेल्टन की पत्नी और बेटी की निर्मम हत्या होती है। भारतीय दर्शकों के लिए यह दृश्य बेहद करीब से महसूस होता है, क्योंकि यहाँ ‘परिवार’ सब कुछ है। जब मुख्य आरोपी डार्बी सिस्टम की तकनीकी वजह से बच जाता है, तो हमारे अंदर का ‘भोजपुरी फिल्म वाला एंग्री यंग मैन’ जाग उठता है। law abiding citizen hindi
इंसाफ या बदला? ‘Law Abiding Citizen’ की वो बातें जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी Byline: आपका नाम | फिल्म और कानून पर एक नज़र जहाँ उसकी बेटी मरी थी
2009 की फिल्म Law Abiding Citizen , जिसे हिंदी में ‘कानून का पक्का नागरिक’ कह सकते हैं, सिर्फ एक एक्शन थ्रिलर नहीं है। यह एक ऐसा सवाल है जो हमारे दिल और दिमाग के बीच झगड़ा करवा देता है। जब कानून आपको धोखा दे, तो क्या आपको ‘लॉ अबाइडिंग सिटीजन’ बने रहना चाहिए या ‘आउटलॉ’ बन जाना चाहिए? law abiding citizen hindi
क्लाइड का गुस्सा इसलिए है क्योंकि उसके परिवार की कीमत सिर्फ एक ‘डील’ थी। वह चाहता है कि डार्बी को ‘दर्द’ महसूस हो। हिंदी सिनेमा में अग्निपथ का विजय दीनानाथ चौहान या गैंग्स ऑफ वासेपुर का सरदार खान भी यही चाहते थे – सिर्फ मौत नहीं, बल्कि सिस्टम को शर्मसार करना। यह सबसे पेचीदा सवाल है। शुरू में हम क्लाइड की जय-जयकार करते हैं। जब वह उसी टनल में डार्बी को मारता है, जहाँ उसकी बेटी मरी थी, तो हमें लगता है – ‘सही किया’।