अस्पताल में आँख खुली तो सबने उसे "लोन सर्वाइवर" कहकर बुलाया। वह अकेला था जो उस नरसंहार से बच निकला था।
विक्रादित्य ने अपने अंदर की ताकत जगाई। घुटनों के बल चलकर वह एक गुफा तक पहुँचा। वहाँ उसने जड़ी-बूटियों से अपने घावों को साफ किया, पत्तों की पट्टियाँ बाँधीं, और जंगल से फल-कंद इकट्ठा करके अपनी भूख मिटाई। lone survivor in hindi
यहाँ "लोन सर्वाइवर" (अकेला बचा हुआ) की भावना पर आधारित एक मौलिक हिंदी कहानी प्रस्तुत है: साल 2045 था। उत्तर भारत के घने जंगलों में एक भयानक गृह युद्ध छिड़ा हुआ था। दो ताकतवर गुटों के बीच संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया था। "मैं अकेला था
तो विक्रादित्य ने कहा, "मैं अकेला था, लेकिन हारा नहीं था। मेरे साथ मेरे मृत साथियों की यादें थीं, और उन्हें न्याय दिलाने का संकल्प था। जब आपके पास लड़ने का कारण हो, तो अकेलापन कमजोरी नहीं, ताकत बन जाता है।" जीवन में सबसे बड़ी लड़ाई कभी दुश्मन से नहीं, बल्कि अपने मन के डर और अकेलेपन से होती है। जिसमें वह जज़्बा होता है, वह अकेले ही पूरी सेना बन जाता है। तो अकेलापन कमजोरी नहीं